शुक्रवार, 13 मार्च 2026


चिक्की की एंट्री



कितना मना किया कुत्ता मत पालों, बाहर जाना - आना मुश्किल हो जायेगा किंतु  ये बात मेरी बेटी की समझ में आए  तब न।
आखिर छोटी सी मादा लेब्रा ( female lebra) 1 महीने की उसको   मेरी बेटी का घर मिल गया।  2 महीने की भी नही हो पाई थी कि वो मेरे पास एक सप्ताह के लिए बेटी और उसके बच्चों के साथ आ गई। 
जब वापस  बेटी के घर गई तो 3 दिन तक उसने रो - रो कर घर सर पर उठा लिया क्योंकि यहां भोली -दृष्टा ने उसे भरपूर प्यार दिया।




 भोली -दृष्टा का चिक्की के प्रति व्यवहार 



 7  वर्षीय ( 8  year  old )  दृष्टा तो बहुत ही नेक चार पैरो वाला बच्चा है।  वो चिक्की के लिए अपना खाना, दूध तक  छोड़ देती थी और चिक्की उसके प्यार का फायदा उठा कर अपना खाना तो खाती     साथ में उसका भी खाना काफी हद तक निपटा देती।  चिक्की उसकी सिधाई  का इतना फायदा उठाती की अगर दृष्टा को छोटी हड्डी या बिस्कुट देते तो वो दृष्टा के खाने से पहले ही उसके मुंह से निकाल लेती, और दृष्टा चुपचाप बैठ जाती। जबकि भोली,   उम्र लगभग दस वर्ष (दृष्टा की माँ ) वो चिक्की को बहुत प्यार करती किन्तु अपने खाने के साथ कोई समझौता नहीं।  यहाँ तक कि अगर चिक्की , दृष्टा को परेशान करती तो भोली  भौक -भौक कर उसे शांत कराती, जैसे कह रही हो कि मेरी बेटी को परेशान मत करो ।  


                 




          चिक्की से त्रस्त परिवार 

      

चिक्की अब दो महीने की हो चुकी है और उसके नए दांत निकलना आरम्भ हो गए है।  परिणाम सारे समय उसे काटने को कुछ न कुछ चाहिए।  काटने के लिए जो सबसे आसानी से उपलब्ध होता है वो है जूते और चप्पल।  उसने घर में किसी के भी जूते -चप्पल सही नहीं छोड़े।  बदमाशी की ये हद है कि हम कंप्यूटर पर काम कर रहे है और वो देवी जी धीरे से मेरी एक चप्पल उठाकर  दूसरे कमरे में ले गई और वहां उसको काट दिया।  बच्चों के मोज़े जूते और  खिलौने तो उनके लिए समय व्यतीत करने का अच्छा साधन है।  किस गुड़िया की फ्रॉक , किसका हाथ , किसके पैर का नक्शा बदल जायेगा ये चिक्की रानी पर निर्भर है। 


        चिक्की का आतंक 




चिक्की के आने से सबसे ज्यादा दुखी मेरी बिल्लियां है।  जो घर में स्वछंद घूमती थी, वे  चिक्की के आने के बाद घर में घुसने के लिए तरस गई।  चिक्की को दैनिक 4 बार छत पर ले जाते है की वो सूसू - पॉटी  करना सीख ले।  लेकिन वो भोली -दृष्टा को छत पर पेट साफ करते देखकर भी नहीं सीखती बल्कि वो अपनी सारी एनर्जी  बिल्लियों को भगाने में लगा देती।  कभी किसी बिल्ली को पंजो में दबा देगी तो किसी के ऊपर बैठ जाएगी।  शुरुआत में तो बिल्लियां डरती  भी किन्तु अभी तो सबने डरना बंद कर चिक्की के साथ खेलना आरंभ कर दिया।  इस दोस्ती के चलते चिक्की रानी छत पर पॉटी नहीं करती वो घर में आकर कभी इस बाथरूम के सामने तो कभी उस बाथरूम के सामने कर देती।  जब डाटों तो मासूम सा चेहरा बना कर आँख मारेगी .



                                   

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